धोखेबाज़ व्यक्ति की 7 निशानियाँ | Beaware From Fraud People | Budda Story

धोखेबाज़ व्यक्ति की 7 निशानियाँ : धोखा हर कोई खाता है इसीलिए लोग कहते हैं कि संभल कर रहना चाहिए सभी समस्या तभी होती है जब आप अच्छे व्यक्ति पर शक करते हैं और धोखेबाज पर भरोसा धोखेबाज व्यक्ति अक्सर अच्छा का नकाब ओड़कर रहता है बहुत बार ऐसा भी होता है संभल कर रहने के बावजूद भी व्यक्ति के साथ धोखा हो ही जाता है तो हम आसानी से समझ नहीं पाते कि असल में किस पर भरोसा करना चाहिए और किस पर नहीं ऐसे में धोखा खाने वाले की गलती नहीं होती क्योंकि उसे पता ही नहीं होता कि धोखा देने वाले व्यक्ति की निशानियां क्या हैं 

आज के इस पोस्ट में हम आपको भगवान बुद्ध के जीवन की एक ऐसी कहानी सुनाने वाले हैं जिसमें भगवान बुद्ध के साथ ही धोखा हो गया और उसके बाद उन्होंने धोखेबाज लोगों की सात निशानियां बताई 

दोस्तों गौतम बुद्ध की शिक्षा हर किसी के जीवन को नई दिशा दे सकती है अगर आप भी इसे मानते हैं तो कमेंट्स में नमो बुद्धाय लिखना मत भूलिए तथागत बुद्ध अपने एक शिष्य पर बड़ा भरोसा करते थे उस शिष्य को वे सबसे ज्यादा सम्मान देते तो उसी की बातों को मानते भी थे बुद्ध उस शिष्य की हर बात पर आंखें बंद करके विश्वास करते थे लेकिन आज तक बुद्ध को कभी यह पता नहीं चला कि उनका वह शिष्य कौन से गांव में और कहां का रहने वाला है क्या काम करता है लेकिन फिर भी बुद्ध उस पर विश्वास करते थे वह शिष्य बुद्ध की बड़े ही मनोयोग से सेवा करता था इसलिए बुद्ध को भी कभी इस बारे में जानने की आवश्यकता महसूस नहीं हुई जब कभी बुद्ध ने उस शिष्य के बारे में कुछ जानने की कोशिश की तो उसने हर बार बात को घुमा दिया 

लेकिन कभी कुछ बताया नहीं बुद्ध के उस शिष्य का व्यवहार आश्रम के बौद्ध भिक्षुओं के साथ भी बड़ा ही अच्छा था इस कारण से हर बौद्ध भिक्षु उसे अपने मन की बात बता देता था लेकिन वह शिष्य ऐसी बातों को सुनकर हर दिन बौद्ध भिक्षुओं की शिकायत बुद्ध से कर देता था ऐसे ही एक दि दिन भगवान बुद्ध भोजन करने बैठे और कुछ देर बाद उनकी तबीयत खराब हो गई उन्होंने अपने एक शिष्य को भेजकर राजवैद्य को बुलाकर लाने को कहा राजवैद्य ने आकर बुद्ध के स्वास्थ्य की जांच की और उन्हें औषधि दी जिससे कुछ समय के बाद बुद्ध ठीक हो गए 

एक दिन बुद्ध ने राजवैद्य से पूछा कि उन्हें क्या हुआ था राजवैद्य ने कहा तथागत आपको भोजन में विष दिया गया था यह सुनकर वहां बैठे सभी भिक्षुओं को बड़ा आर्य हुआ कि ऐसा कौन है जिसने बुद्ध के भोजन में विष मिलाया हो उस व्यक्ति की खोज होने लगी बुद्ध का भोजन जहां से आया था उस गृह स्वामी को बुलाया गया उसने बताया कि उस दिन उसने भोजन बनाया ही नहीं बल्कि उस दिन आपके ही एक शिष्य एक व्यक्ति के साथ वहां आए थे शिष्य के साथ आए व्यक्ति ने ही भोजन बनाया था 

जिस व्यक्ति ने बुद्ध के लिए भोजन बनाया था उस व्यक्ति को ढूंढा जाने लगा काफी दौडी धूप करने के बाद पता चला कि भोजन बनाने वाला व्यक्ति पास के ही गांव का एक रसोइया है उस गांव में जाकर जब बौद्ध भिक्षुओं ने उस रसोइए से पूछताछ की तो पता चला कि उस दिन उसने सिर्फ भोजन तैयार किया था उसके बाद रसोई घर से बुद्ध के लिए भोजन पात्रों में उस शिष्य ने ही डाला था और उस समय रसोई घर में वह शिष्य अकेला ही था रसोइए ने उस शिष्य का पता बताया तो सभी के होश उड़ गए क्योंकि वह शिष्य और कोई नहीं बल्कि बुद्ध का सबसे प्रिय शिष्य था वापस लौटकर भिक्षुओं ने बुद्ध को पूरी कहानी सुनाई उस समय वह शिष्य भी वहीं बैठा हुआ था यह सुनकर शर्म के मारे उसका सिर झुक गया सभी बौद्ध भिक्षुओं के चेहरे पर क्रोध झलक रहा था और सभी चाहते थे कि उस शिष्य के जीवन का अंत ही कर देना चाहिए 

लेकिन तथागत बुद्ध ने उस शिष्य को माफ कर दिया और कहा कि वह जहां जाना चाहे जा सकता है लेकिन उसकी बौद्ध संघ में कोई जगह नहीं है यह सुनकर वह शिष्य उठा और बुद्ध के चरणों में लौटते हुए कहा मुझे माफ कर दीजिए तथागत मैं इस संघ का सर्वे सर्वा बनना चाहता था और इसी कारण से मैंने आपके भोजन में विष मिलाया था 

बुद्ध ने उसके सिर्फ पर हाथ रखकर मुस्कुराते हुए कहा तुम मुझे एक बार कहकर तो देखते मैं खुशी खुशी यह बौद्ध संघ तुम्हारे हवाले कर देता लेकिन अब तुम यहां नहीं रह सकते क्योंकि आज के बाद तुम चाहे कितने ही अच्छे बन जाओ लेकिन बौद्ध संघ में तुम्हें हमेशा दोषी नजरों से ही देखा जाएगा इसलिए अपने जीवन के उद्धार के लिए तुम्हें यहां से जाना ही होगा यह सुनकर वह शिष्य उठा और चला गया उसके जाने के बाद भिक्षुओं ने बुद्ध से कहा भंते आप तो सर्व ज्ञानी हो फिर आपको इस धोखे के बारे में कैसे पता नहीं चला जब आप जैसे सर्व ज्ञानी को भी धोखा मिल सकता है 

तो सामान्य व्यक्ति के लिए इस संसार में जीना ही मुश्किल हो जाएगा इसलिए आप हमें कुछ ऐसी निशानियां बताइए जो किसी भी व्यक्ति को धोखा खाने से बचा सकती हो यह सुनकर बुद्ध मुस्कुराए और बोले मुझे यह पता था कि यह शिष्य किसी दिन मेरे साथ धोखे जैसा व्यवहार करेगा लेकिन मैं यह देखना चाहता था कि इस संघ में कोई ऐसा व्यक्ति है जो उसके धोखे को समय रहते जान सके लेकिन इस संघ में ऐसा कोई भी व्यक्ति नहीं था इसलिए मैं तुम्हें सात ऐसी निशानियां बता रहा हूं जिन्हें देखकर आप इस बात का अंदाजा लगा सकते हैं कि तुम्हारा करीबी तुम्हें धोखा दे सकता है या नहीं धोखेबाज व्यक्ति की सात में से 

पहली निशानी है वे आपसे अपना सब कुछ छिपाए 

आप धोखेबाज व्यक्ति के बारे में कुछ नहीं जान पाओगे क्योंकि जब भी आप उनसे उनके बारे में कुछ भी पूछेंगे तो वे हर बार बात को बदल देंगे लेकिन बदले में वे आपसे आपके जीवन के हर एक रहस्य के बारे में जानने की कोशिश करेंगे उनका पूरा जीवन आपके लिए पूरी तरह से रहस्यमय होगा भले ही आप उस व्यक्ति के बड़े ही करीबी होंगे लेकिन उसके बारे में आपको कुछ भी पता नहीं होगा यदि ऐसा व्यक्ति आपके भी संपर्क में है है तो आपको सावधान होने की जरूरत है क्योंकि ऐसा व्यक्ति समय आने पर आपको धोखा जरूर देगा 

धोखेबाज व्यक्ति की दूसरी निशानी है उन्हें आपकी कोई परवाह नहीं होगी 

ऐसे व्यक्तियों के लिए आपके जीवन और मरण से कोई मतलब नहीं होगा ऐसे व्यक्ति आपसे किसी भी तरह अपना काम निकलवाने की कोशिश करेंगे यदि आपको नुकसान पहुंचाकर भी उनका काम होता है तो ऐसे व्यक्ति इस बात की कोई परवाह नहीं करेगा इसलिए ऐसे व्यक्ति से बचक रह ही सबसे अच्छा विकल्प है क्योंकि एक दिन ऐसा व्यक्ति धोखा जरूर देता है 

धोखेबाज व्यक्ति की तीसरी निशानी है वह हर समय झूठ बोलते रहते हैं 

अपने जीवन अपने काम को पूरी तरह से रहस्यमय रखने के लिए यह व्यक्ति हमेशा झूठ बोलते हैं इनके पास एक ही बात के कई जवाब होते हैं इसलिए ऐसे झूठे व्यक्ति धोखा देते ही हैं 

धोखेबाज व्यक्ति की चौथी निशानी उनकी कथनी और करनी में अंतर होता है 

ऐसे लोग कहते कुछ है और करते कुछ है यह लोग लोग आपको खुश करने के लिए आपके पक्ष में कुछ भी कह सकते हैं लेकिन जब करने की बात आएगी तो यह हमेशा अपने स्वार्थ को आगे रखते हैं फिर चाहे आपका नुकसान ही क्यों ना हो जाए इसलिए ऐसे धोखेबाज व्यक्तियों से जीवन में दूरी बनाए रखना ही श्रेयस्कर है 

धोखेबाज लोगों की पांचवी निशानी है उनके पास आपके लिए कभी समय नहीं होगा 

धोखेबाज लोगों की यह सबसे बड़ी निशानी होती है कि जब भी आप उनसे समय मांगेंगे तो वे आपके लिए हमेशा व्यस्त रहेंगे उनके पास खुद को व्यस्त दिखाने के लिए हजारों बहाने होंगे यहां तक कि जब तक उन्हें आपसे कोई मतलब नहीं होगा तब तक वे आपसे बात तक नहीं करेंगे लेकिन जैसे ही उन्हें आपसे कोई काम होगा फिर वे आपके पास हर समय मौजूद होंगे ऐसे लोग बड़े मतलबी होते हैं अपना मतलब सिद्ध होते ही गायब हो जाते हैं इसलिए जीवन में ऐसे व्यक्तियों से दूरी ही सबसे अच्छा उपाय है 

धोखेबाज लोगों की छठी निशानी है वे आपको हमेशा दूख पहुंचाने की कोशिश करेंगे 

ऐसे लोग हमेशा इस बात की की कोशिश में लगे रहते हैं कि कैसे भी करके आपकी उन्नति को रोक दिया जाए ऐसे व्यक्ति आपको नुकसान पहुंचाने का कोई भी मौका नहीं छूक यानी ऐसे लोगों को आपको नुकसान पहुंचाने में या फिर आपको दुखी करने में बड़ा ही आनंद आता है इसलिए भिक्षु ऐसे लोगों से दूरी रखना ही जीवन में धोखे से बचे रहने का सबसे अच्छा उपाय है 

धोखेबाज लोगों की सातवीं और अंतिम निशानी है कि उनकी जिंदगी में आपके लिए कोई जगह नहीं होती 

ऐसे लोगों के लिए आप कोई मायने नहीं रखते ऐसे लोगों के लिए आपकी परेशानियां परेशानी नहीं होती ऐसे लोगों के लिए आपका दुख कभी दुख नहीं होता भले ही आप उस व्यक्ति के दुख में दुखी हुए हो भले ही उसकी परेशानियों में आपने परेशान होकर भी उसकी सहायता की भले ही आपके लिए वह बहुत कुछ हो लेकिन उसके लिए आप कुछ नहीं होते ऐसे व्यक्ति जीवन में आपको धोखा देते ही दोस्तों यदि आप भगवान बुद्ध की बताई इन सात निशानियां को देखकर अपने लिए एक सच्चा दोस्त चुनते हैं तो यकीन मानिए आप जीवन में कभी धोखा खा ही नहीं सकते इसलिए धोखा बाज लोगों की इन सात निशानियां को हर दिन याद रखें

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