ये 9 संकेत बताते है की आप साधारण मनुष्य नहीं है | श्री कृष्ण कहते है

ये 9 संकेत बताते है की आप साधारण मनुष्य नहीं है :- अगर किसी मनुष्य को मिलते हैं यह 9  संकेत तो वह कोई साधारण मनुष्य नहीं होता है नमस्कार आपका स्वागत है दोस्तों यह तो हम सभी जानते हैं की इस ब्रह्मांड के कण-कण में ईश्वर का वास है हर स्थान पर ईश्वर मौजूद है यहां तक की हमारे अंदर भी ईश्वर का ही वास है 

भगवान भले ही प्रत्यक्ष रूप से दिखाई नहीं देते हैं किंतु हमें उनकी मौजूदगी का एहसास कई बार होता है और यह एहसास उन्हें लोगों को होता है जिनके अंदर कोई विलक्षण शक्ति होती है 

दोस्तों भगवान श्रीकृष्ण ने मनुष्य के ऐसे नो लक्षणों के बड़े में बताया है यदि किसी व्यक्ति के अंदर यह नो लक्षण दिखाई देते हैं 

तो वह कोई साधारण मानव नहीं है श्री कृष्णा ने ऐसे मनुष्य को सर्वश्रेष्ठ कहा है क्योंकि साधारण मनुष्यों में ऐसे लक्षण नहीं होते हैं एक व्यक्ति के अंदर जन्म से ही ऐसे लक्षण दिखाई देने लगता हैं और जब वे बड़े हो जाते हैं तो संसार में कीर्ति प्राप्त करते हैं श्री कृष्णा के अनुसार प्रत्येक मनुष्य के जन्म के पीछे उद्देश्य होता है

 मनुष्य यानी प्राप्त होना साधारण बात नहीं है 84 लाख योनियों में सर्वश्रेष्ठ मनुष्य यानी को ही कहा गया है मनुष्य का जन्म लेकर प्राणी जो कार्य कर सकता है वह किसी अन्य प्राणी के रूप में जन्म लेकर नहीं कर सकता 

                                             इसीलिए मनुष्य को ईश्वर को धन्यवाद देना चाहिए की उसे मनुष्य यानी प्राप्त हुई है मनुष्य का शरीर धरण करने वाले प्रत्येक प्राणी को इसका सदुपयोग करना चाहिए संसार के कल्याण की भावना से कार्य करने चाहिए 

किंतु कुछ मनुष्य मनुष्य का जन्म लेकर भी जानवरों की तरह बर्ट करते हैं यह बात भी सत्य है की हम में से कुछ लोग बहुत भाग्यशाली होते हैं क्योंकि उन पर ईश्वर की विशेष कृपा होती है और कुछ ऐसी शक्तियां उनके आसपास हमेशा विद्यमान होती है जो हर समय उन्हें सही मार्ग दिखाई है और हर मुश्किल में सहायता करती है यही नहीं यही ईश्वर यह शक्तियां कुछ ऐसे व्यक्तियों को चुनाव है जो खुद भी सही मार्ग पर चलते हैं और दूसरे लोगों का भी सही मार्गदर्शन करते हैं  यह लोग दूसरों को भी धर्म के मार्ग पर चलने के लिए प्रेरित करते हैं 

लेकिन आप यह कैसे जान सकते हैं की आपके साथ कोई अलौकिक शक्ति है जो सदैव ही आपकी रक्षा कर रही है जिसके कारणआप कई बार मौत को छूकर निकाल जाते हैं किसी बड़ी दुर्घटना से आप बैक जाते हैं या कभी किसी बड़ी मुसीबत में नहीं फास्ट हैं यह सब कुछ उसे अलौकिक शक्ति के कारणहो रहा है जो आपकी हमेशा रक्षा कर रही है 

भले आप उसे मने या ना मने लेकिन वह हमेशा ही आपके साथ मौजूद रहती है आज हम आपको ऐसे ना संकेत बताने जा रहे हैं जिससे आपको पता चल सकता है की आप कोई साधारण मानव नहीं है अब बाकी साधारण मनुष्यों से अलग है और भगवान हमेशा ही आपके साथ रहते हैं तो चलिए जान लेते हैं 

उन संकेत के बड़े में सबसे पहले संकेत भगवान श्रीकृष्ण कहते हैं जो मनुष्य किसी भी कार्य को करते समय सुख दुख के बड़े में विचार नहीं करता है चाहे सर्दी हो या गर्मी हो वह कभी अपने कार्य को बीच में नहीं छोड़ना है चाहे कितने भी संकट खड़े हो जाए वह अपने मार्ग से विचलित नहीं होता हर स्थिति में अपने काम में लगा रहता है चाहे उसे लोग भला कंहा अथवा बुरा वह अपना कार्य पुरी निष्ठा के साथ करता है उसे खुद पर और ईश्वर पर पूरा विश्वास होता है की एक दिन वह अवश्य सफल होगा 

दूसरा लक्षण है कभी दूसरों की बुराई नहीं करता श्री कृष्णा कहते हैं जो व्यक्ति जीवन में कभी दूसरों की बुराई नहीं करता वह दूसरों के विषय में अच्छी बातें ही करता है वही व्यक्ति सर्वश्रेष्ठ होता है आजकल लोग छोटी छोटी बटन पर दूसरों की बुराई करते हैं हर वक्त दूसरों को अपमानित करना दूसरों की चुगली करना दूसरों का अहित करना आदि प्रकार के निदित कार्य करते रहते हैं इसी कारणसे वे लोग जीवन में कभी सफल नहीं होते हैं 

तीसरा संकेत है जो व्यक्ति अपने दैनिक कार्यों से बच्चा हुआ समय ईश्वर की भक्ति आराधना और नाम स्मरण में व्यतीत करता है और ईश्वर को ही सत्य मानते हुए उसकी अनुभूति करने में समर्थ होता है वास्तव में उसे व्यक्ति के आसपास एक ईश्वरीय शक्तियों का पवित्र घेरा होता है जिसके कारणउसे ईश्वर का आभास होता रहता है इन लोगों को ईश्वर पर पूर्ण विश्वास होता है चाहे दुख हो या सुख ये हर स्थिति में ईश्वर को याद करते हैं और कभी ईश्वर का अपमान नहीं करता है 

चौथी बात जो व्यक्ति समाज के प्रति अपना दायित्व समझते हुए अच्छे और पुण्य के काम करता है मुसीबत में फैंस लोगों की तथा गरीबों और लाचारी व्यक्तियों की मदद करता है आपदा और विपदा आने पर पशु-पक्षियों की मदद करता है बुजुर्गों का तथा शरीर से अपंग व्यक्ति का कभी अपमान नहीं करता कभी किसी को हैं समझ कर उसका तिरस्कार नहीं करता है वह मनुष्यों में सर्वश्रेष्ठ होता है हर व्यक्ति में ऐसे गन नहीं होते हैं जिन लोगों पर ईश्वरीय कृपा होती है उनके अंदर ही ऐसे लक्षण होते हैं जो खुद पुण्य के काम करता है और दूसरों को भी ऐसे काम करने के लिए प्रेरित करता है 

पांचवा संकेत है अन्य नहीं करता श्री कृष्णा कहते हैं जो व्यक्ति कभी दूसरों के साथ अन्य नहीं करता कभी दूसरों का धन नहीं हड़प्पटा कभी भी दूसरों की मजबूरी का फायदा नहीं उठाता वही व्यक्ति श्रेष्ठ होता है जो मनुष्य कभी दूसरों की आजीविका पर चोट नहीं करता और ना ही कभी दूसरों से घृणा करता है वह मनुष्य संसार में कीर्ति पता है 

छठ संकेत है पूर्वाभास होना संसार में कुछ ही लोगों के पास एक अनोखी शक्ति होती है जिससे उन्हें भविष्य में होने वाली कुछ विशेष घटनाओं का आभास पहले ही हो जाता है भविष्य में कुछ बड़ा होने वाला होता है तो उसका पता इन्हें पहले ही चल जाता है इनका मान अचानक ही बेचैन हो जाता है आसपास के वातावरण में इन्हें बदलाव महसूस होने लगता है प्रकृति में इन्हें कुछ ऐसे अवश्य दिखाई देते हैं जो अशुभ चिन्ह होते हैं जिससे इन्हें पता चल जाता है की कुछ बड़ा होने वाला है और यह सावधान हो जाते हैं 

सातवां संकेत है कुछ लोगों को हमेशा अपने आसपास एक विशिष्ट प्रकार की सुगंध का अनुभव होता है हमेशा सुगंधित फूल धूप अगरबत्ती या कपूर जैसी पवित्र सुगंध का झोंका साहब में तैरता हुआ सा महसूस होता है तो यह उसके आसपास ईश्वर की उपस्थित का संकेत होता है और देवी देवताओं का आशीर्वाद उसे व्यक्ति पर होता है 

आठवां संकेत है दोस्तों हमारे शास्त्रों में ब्रह्म मुहूर्त का समय बहुत ही शुभ माना जाता है यह दिन का सबसे महत्वपूर्ण समय होता है शास्त्रों में इसे देवताओं का समय कहा गया है क्योंकि इस समय पर वातावरण में एक अनोखी सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है इसीलिए शास्त्रों में ब्रह्म मुहूर्त को ही जैन के लिए सर्वश्रेष्ठ माना गया है दुनिया में ज्यादातर लोगों की नींद ब्रह्म मुहूर्त के समाप्त होने के बाद ही खोल है 

परंतु अगर किसी व्यक्ति की नींद रोज मुहूर्त पर अपने आप खुलना ग जाति है तो यह एक अलौकिक संकेत समझा जाता है नित्य ब्रह्म मुहूर्त पर जैन वाले लोग जीवन में कभी पराजित नहीं होते हैं इस समय पर जैन वाले लोग सदैव प्रसन्नचित रहते हैं और ईश्वर की भक्ति में अपना मान लगाते हैं इनकी बुद्धि अन्य लोगों से तेज होती है और ये बहुत ही समझदार होते हैं ब्रह्म मुहूर्त पर जैन वाले लोगों का मान जलाशय की भांति शांत होता है यह कभी क्लेश और लड़ाई झगड़ा नहीं करते हैं कभी वाद विवाद में नहीं फास्ट हैं ऐसा व्यक्ति निश्चित रूप से ईश्वर की इच्छा के अनुसार ही ऐसा करता है उसे ऐसा करने के लिए ईश्वरीय शक्तियां ही प्रति करती हैं नोवा संकेत है 

दोस्तों कई बार हम मंदिर में या किसी धार्मिक स्थल पर भजन कीर्तन या कथा सुनने जाते हैं कितने भी सुंदर भजन हो या कितनी भी अच्छी कथा हो बीच-बीच में हमारा ध्यान भड़क ही जाता है और हम कभी अपने घर के विषय में तो कभी अपनी किसी समस्या पर या फिर आसपास बैठे लोगों का विचार करने कर सकते हैं लेकिन कुछ लोग ऐसे भी होते हैं जो यही भजन कीर्तन या कथा सुनने में इतने तल्लन हो जाते हैं की उन्हें किसी भी बात का होश नहीं रहता है उन्हें बस अपने आसपास पवित्रता का एहसास होता है और बहुत सी शुभ ध्वनियां सुने देती है जैसे की शंकर बांसुरी या मंदिर के घंटे की आवाज निश्चित ही ऐसे व्यक्ति ईश्वर की कृपा के अधीन होते हैं और ईश्वर उनके बहुत ही समीप होते हैं और इसलिए ही उन्हें इन चमत्कारी ध्वनियों का आभास होता है 

जो व्यक्ति ईश्वर के चरणों में ही परमानंद की अनुभूति करता है और ईश्वर भक्ति को ही वास्तविक आनंद मानता हो ऐसा व्यक्ति ना तो कभी दुखी र सकता है और ना ही किसी को दुख दे सकता है ऐसे व्यक्ति का मान और मस्तिष्क हमेशा शांत रहता है जिससे वह कभी भी सत्य और सदाचार के मार्ग से विचलित नहीं होता है यही उसे ईश्वर से मिला हुआ एक विशेष आशीर्वाद होता है जिससे वे हमेशा समाज में सम्मान का स्थान प्राप्त करते हैं अगर आप स्वयं की पत्नी के प्रति वफादार है कभी आपने पत्नी के साथ धोखा नहीं किया है कभी किसी पराई स्त्री से किसी भी प्रकार का रिश्ता नहीं रखा है आप पराई स्त्रियों को

माता और बहन मानते हैं तो आप धन्य है अगर आप स्त्री और केवल अपने ही पति से प्रेम करती है अपने ही पति की वफादार है अपने ही पति को सर्वस्व मानती है आपके मान में कभी पराई पुरुष के लिए विचार नहीं आते हैं तो निश्चित ही आप एक महान पतिव्रता स्त्री है आप पर माता लक्ष्मी की कृपा सदैव बरसाती रहेगी अगर आप कभी किसी के साथ चल नहीं करते हैं लोग और लालच के लिए मित्र तथा परिवार के साथ डागा नहीं करते हैं और कभी अशुभनीय कार्य नहीं करते हैं सभी के साथ मिलजुल कर प्रेम से रहने का प्रयास करते हैं तो आप निश्चित ही पुण्य आत्मा है 

आपके उसे घर में होने से उसे घर में सुख शांति का वास है आपके कारण ही आपके परिवार के लोग पापोन से मुक्त होकर सुखपूर्वक जीवन जी रहे हैं तो दोस्तों अगर किसी व्यक्ति में यह नाइन संकेत होते हैं तो उसे व्यक्ति पर ईश्वर की विशेष कृपा है ऐसा समझना चाहिए अगर आपको भी ऐसे संकेत मिलते हैं तो कमेंट में अवश्य बताएं जानकारी अच्छी लगी तो वीडियो को लाइक जरूर करें कमेंट में जय श्री कृष्णा अवश्य लिखे  

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