गरुड़ पुराण : मृत्यु के बाद नरक में मिलने वाली सजाएँ ! गुरूड़ पुराण के अनुसार मृत्यु के बाद क्या होता है || What happens after death || Garuda Purana

नरक से बचने का रास्ता क्या है जानिए…

गरुड़ पुराण : मृत्यु के बाद नरक में मिलने वाली सजाएँ !:- मृत्यु जीवन का शाश्वत् सत्य है, लेकिन मृत्यु को लेकर कई लोगों के मन में अलग-अलग धारणाऐं होती है। इस संबंध में अक्सर लोगों प्रश्न करते रहते है कि, क्या वाकई में, मृत्यु के समय कोई दिव्य दृष्टि मिलती है? 

क्या मृत्यु के बाद यमलोक की यात्रा शुरू होती या ये सब कुछ महज एक भ्रम है और अगर होती है तो आखिर मृत्यु के कितने दिनों बाद, आत्मा यमलोक पहुंचती है? इत्यादी 

लेकिन प्राचिन काल में एक बार बिल्कुल ये सब प्रश्न श्रीहरि विश्णु से उनके वाहन गरूड़जी ने भी पूछे थे,

तत्पश्चात् भगवान ने उन्हें गरूड़ पुराण के रूप में इन सभी प्रश्नों के उत्तर विस्तारपूर्ण ढंग से प्रस्तुत किये थे।

तो चलिये एक बार विस्तार से प्रकाश डालते इस अद्भुत गं्रध पर।

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आज हम आपको बताएंगे। गरुड़ पुराण के अनुसार नर्क में मिलने वाली पांच भयानक मृत्यु बारे में दोस्तों जीवन का सबसे बड़ा सत्य मृत्यु है। मृत्यु के पश्चात गरुड़ पुराण पढ़ा जाता है ताकि मृतक की आत्मा को शांति प्रदान की जा सके। गरुड़ पुराण में लिखा गया है कि मरने के बाद नरक लोक में असुरों द्वारा मनुष्य के जीवित रहने के उपरांत किए जाने वाले पाप कर्मों की कठोर सजा दी जाती है। लेकिन धरती पर किए जाने वाले कौन कौन से पार्क के बदले किस यातना का उल्लेख गरुड़ पुराण में किया। आइए आज हम आपको बताते हैं 

नंबर 1 ते 100 में मिलने वाली सजा जिसके तहत मृतक को उल्टा लटका दिया जाता है और धीरे-धीरे करके उसके शरीर को बीचो-बीच से नेता जाता है और इस सजा का हकदार वह मनुष्य होता है जो दूसरों की संपत्ति पर कब्जा करके उसे हथिया लेता है। 

नंबर दो म्हारो गांव में जीव को शहरी ले सांपों से तब तक कटवाए जाता है। जब तक वह प्राण ही नष्ट ना हो जाए और ऐसी सजा तब मिलती है जब कोई किसी दूसरे की संपत्ति का भोग स्वयं करता है या किसी का अधिकार चिंता है 

नंबर 3। तुम भी पास के तहत जो जीव किसी निराश है, प्राणी का शिकार करता है या निर्दोषों को मारता है उसे उबलते हुए खोलते तेल में डूबा डूबा कर यातना दी जाती है 

नंबर 4। माता-पिता या अपने बुजुर्गों का अनादर करने पर उन्हें कष्ट पहुंचाने पर जीव को इस पाप कर्म के तहत काल सूत्रम के तौर पर सजा दी जाती है। पापी को तपते हुए गर्म लावा पर घसीटते हुए खींच कर ले जाया जाता है और ऐसा उसके साथ तब तक किया जाता है। जब तक वह बेहोश ना हो जाए।

 नंबर 5 सलमानी में मिलने वाली सजा के नियम अनुसार जो जीव किसी से अवैध संबंध में विचार का व्यवहार करता हो या प्राकृतिक व्यवहार करने का भुक्तभोगी हो। ऐसे जीव को जननांगों पर लोहे से बनी गर्म चाबुक तेजपाल बार बार किया जाता है तथा इनके जननांगों को खुद नहीं कल खाने के लिए जंगली कीड़े मकोड़े छोड़ दिए जाते हैं ताकि उन्हें जिसका। मंडे को ही ना रहे 

दोस्तों हमारे शास्त्रों में ऐसी बातें तो कहीं जाती है, लेकिन इसमें सत्यता कितनी है इस सवाल का जवाब तो कोई भी नहीं दे सकता। लेकिन यदि यह सच है तो इससे भयानक और मौत क्या ही मिलेगी। किसी को इसलिए कहा जाता है कि धरती पर जब तक हो, अच्छे कर्म करते रहो, क्योंकि क्या पता मौत के बाद ईश्वर को हिसाब दे देना बने। दोस्तों आज के लिए इतना ही मिलते हैं।

दोस्तों भक्ति मात्र एक शब्द नहीं है बल्कि जीवन को जीने का सही मार्ग है आज के इस वर्तमान समय में हम में से अधिकांश लोग धर्म का नियमित रूप से पालन करना चाहते हैं…

हिंदू धर्म गरुण पुराण का विशेष प्रकार से महत्व है हिंदू धर्म में सदा से ही व्यक्ति को अच्छे कामों को करने के लिए प्रेरित किया जाता है क्योंकि इस पुराण में बताया गया है कि व्यक्ति जीवन भर जैसे काम करता है वह वैसा ही फल पता है उन्ही के अनुसार उसे नरक या स्वर्ग मिलता हैं…

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